PM KUSUM Yojana 2026: किसानों को सोलर पंप पर सब्सिडी, जानें योजना का पूरा अपडेट

PM KUSUM Yojana 2026: किसानों की सिंचाई लागत कम करने और खेती में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) महत्वपूर्ण सरकारी योजना है।

इस योजना के तहत किसानों को सोलर कृषि पंप लगाने और मौजूदा कृषि पंपों के सौरीकरण के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता मिलती है। इसके अलावा किसान जमीन पर सोलर पावर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन से आय का अवसर भी प्राप्त कर सकते हैं।

PM KUSUM Yojana 2026 का ताजा अपडेट

आधिकारिक PM-KUSUM पोर्टल के 31 जुलाई 2026 तक के डैशबोर्ड के अनुसार, Component-B में 13,07,190 सोलर पंप स्वीकृत किए जा चुके थे, जिनमें 11,68,667 पंप स्थापित हो चुके थे। वहीं Component-A के तहत 10,000 MW क्षमता स्वीकृत और 1,986.30 MW क्षमता स्थापित दिखाई गई है। Component-C के Individual Pump Solarisation यानी IPS में 53,015 पंप स्वीकृत और 15,561 सौरीकृत किए गए थे।

हालांकि, किसानों को यह ध्यान रखना चाहिए कि अलग-अलग राज्यों में आवेदन और लक्ष्य की स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए PM KUSUM Yojana 2026 Apply Online करने से पहले अपने राज्य की संबंधित सरकारी एजेंसी या आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान आवेदन स्थिति जरूर जांचें।

PM KUSUM Yojana में कितनी सब्सिडी मिलती है?

PM KUSUM Yojana Solar Pump Subsidy के तहत सामान्य क्षेत्रों में स्टैंड-अलोन सोलर कृषि पंप के लिए केंद्र सरकार की ओर से बेंचमार्क लागत या निविदा लागत, जो भी कम हो, उसका 30 प्रतिशत CFA दिया जाता है। राज्य सरकार को कम से कम 30 प्रतिशत सहायता देने का प्रावधान है और शेष राशि किसान को देनी होती है। बैंक से ऋण की सुविधा भी उपलब्ध हो सकती है।

पूर्वोत्तर राज्यों, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड तथा कुछ केंद्र शासित क्षेत्रों में केंद्रीय सहायता का प्रावधान 50 प्रतिशत तक है। वास्तविक लागत, राज्य की सहायता और किसान का हिस्सा संबंधित राज्य की लागू व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

PM KUSUM Yojana के तीन मुख्य घटक

Component-A: इसके तहत किसान, किसानों के समूह, सहकारी समितियां, पंचायत, FPO आदि जमीन पर 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक के विकेंद्रीकृत ग्रिड-कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट स्थापित कर सकते हैं। उत्पादित बिजली DISCOM द्वारा राज्य नियामक द्वारा निर्धारित दर पर खरीदी जा सकती है।

Component-B: इसमें ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों में किसानों के लिए स्टैंड-अलोन सोलर कृषि पंप लगाने का प्रावधान है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार सामान्य क्षेत्रों में सहायता 7.5 HP तक के पंपों के लिए दी जाती है।

Component-C: इसमें पहले से लगे ग्रिड-कनेक्टेड कृषि पंपों का सौरीकरण किया जाता है। किसान सिंचाई के लिए सौर बिजली का इस्तेमाल कर सकते हैं और अतिरिक्त बिजली को संबंधित DISCOM को बेचने का प्रावधान है।

PM KUSUM Yojana के लिए आवेदन कैसे करें?

PM KUSUM Yojana Apply Online की प्रक्रिया राज्य के अनुसार अलग हो सकती है। योजना का क्रियान्वयन संबंधित राज्य सरकार की नामित एजेंसियों के माध्यम से किया जाता है। किसान को अपने राज्य में उपलब्ध आधिकारिक आवेदन पोर्टल, नोटिफिकेशन और अधिकृत विक्रेता की जानकारी देखकर ही आवेदन करना चाहिए।

PM-KUSUM के आधिकारिक पोर्टल पर राज्यवार जानकारी, विक्रेता सूची और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं। फर्जी वेबसाइटों से सावधान रहें और किसी अनजान वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन शुल्क या सोलर पंप की कीमत के नाम पर भुगतान न करें।

किसानों के लिए जरूरी बात

PM KUSUM Yojana 2026 में सब्सिडी की राशि सीधे एक समान तय रकम नहीं होती। यह पंप की लागत, राज्य की सब्सिडी, लागू घटक और संबंधित सरकारी नियमों के आधार पर बदल सकती है। इसलिए “हर किसान को एक निश्चित लाख रुपये की सब्सिडी” जैसे दावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

नोट: योजना से जुड़ी आवेदन तिथि, राज्यवार लक्ष्य, पात्रता और सब्सिडी की वर्तमान स्थिति समय-समय पर बदल सकती है। आवेदन करने से पहले MNRE और अपने राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर नवीनतम जानकारी जरूर जांचें।

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