PM Kisan Crop Insurance 2026: Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY) बजट 2026 के अपडेट्स के साथ अब और भी ज्यादा किसान-फ्रेंडली हो गई है। प्राकृतिक आपदाओं से फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने वाली यह योजना अब टेक्नोलॉजी और तेज क्लेम प्रोसेस के साथ पहले से ज्यादा मजबूत बन गई है।
सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि या बेमौसम बारिश से नुकसान होने पर अब किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने दावा निपटान प्रक्रिया को और तेज करने का ऐलान किया है।
बजट 2026 अपडेट: क्या बदला इस बार?
बजट 2026 में सरकार ने ‘Beema Vistaar’ (बीमा विस्तार) पहल शुरू की है। इसके तहत फसल बीमा को जीवन और स्वास्थ्य बीमा के साथ जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसका मकसद है कि किसान को एक व्यापक सुरक्षा कवच मिल सके।
अब नुकसान का आकलन ‘YES-TECH’ ड्रोन तकनीक और ‘WINDS’ मौसम डेटा सिस्टम के जरिए किया जाएगा। इससे सर्वे प्रक्रिया 24 घंटे के भीतर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
सबसे बड़ी राहत यह है कि क्लेम की राशि अब सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT के जरिए 15 दिनों के भीतर जमा की जाएगी।
प्रीमियम दरें: किसान को कितना देना होगा?
सरकार ने प्रीमियम दरों को पहले की तरह ही फिक्स रखा है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
खरीफ फसल के लिए किसान को केवल 2% प्रीमियम देना होगा।
रबी फसल के लिए यह दर 1.5% है।
बागवानी और कमर्शियल फसलों के लिए 5% प्रीमियम तय किया गया है।
बाकी प्रीमियम राशि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करती हैं।
72 घंटे का नियम: सबसे जरूरी जानकारी
फसल नुकसान होने पर किसान को 72 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य है। इसे “Crop Loss Intimation” कहा जाता है। अगर तय समय में सूचना नहीं दी गई, तो क्लेम रिजेक्ट भी हो सकता है।
सूचना किसान अपने बीमा कंपनी, बैंक, कृषि अधिकारी या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दे सकता है।
कैसे करें क्लेम और स्टेटस चेक?
किसान NCIP पोर्टल लॉगिन या Crop Insurance App के माध्यम से आवेदन और क्लेम स्टेटस चेक कर सकते हैं।
आधार से लिंक बैंक खाता और सही दस्तावेज अपलोड करना जरूरी है। क्लेम अप्रूव होने के बाद राशि सीधे खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
किन राज्यों के किसानों के लिए खास अपडेट?
राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के किसानों के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इन राज्यों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की घटनाओं को देखते हुए बीमा कवरेज को मजबूत किया गया है।
फसल बीमा प्रीमियम: एक नजर में
| फसल का प्रकार | किसान द्वारा देय प्रीमियम | समय सीमा |
|---|---|---|
| खरीफ फसल | 2% | जुलाई तक |
| रबी फसल | 1.5% | दिसंबर–जनवरी |
| बागवानी/नगदी | 5% | पूरे वर्ष |
| नुकसान की सूचना | 72 घंटे के भीतर | अनिवार्य |
निष्कर्ष
PM Kisan Crop Insurance यानी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2026 अब पहले से ज्यादा तेज, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत हो चुकी है। 15 दिनों में क्लेम भुगतान, ड्रोन सर्वे और DBT ट्रांसफर जैसे कदम किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकते हैं।
यदि आपकी फसल को प्राकृतिक आपदा से नुकसान हुआ है, तो 72 घंटे के भीतर सूचना देना न भूलें। सही समय पर कार्रवाई ही आपके नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करेगी।

Suchna Hindi is a Professional News Platform. Here we will provide you only interesting content, which you will like very much. We’re dedicated to providing you the best of News, with a focus on dependability and News Website.