Delhivery RIDEV EV Partnership: Delhivery ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी स्टार्टअप RIDEV के साथ एक बड़ी पार्टनरशिप की घोषणा कर दी है। इस Delhivery RIDEV EV Partnership के तहत अगले 3 महीनों में 150 हाई-परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) सड़कों पर उतारे जाएंगे।
सबसे बड़ी बात — डिलीवरी पार्टनर्स को गाड़ी खरीदने की ज़रूरत नहीं। EV-as-a-Service मॉडल के तहत लीज पर गाड़ी मिलेगी और ऑपरेशनल खर्च 50% तक कम हो जाएगा। शुरुआत बेंगलुर���, हैदराबाद और उत्तर-पूर्वी भारत (Northeast India) से हो रही है।
अगर आप डिलीवरी पार्टनर हैं या बनना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। इस आर्टिकल में जानिए — EV-as-a-Service क्या है, कितनी बचत होगी, कैसे जुड़ें और यह पार्टनरशिप आपकी ज़िंदगी कैसे बदल सकती है।
Delhivery RIDEV EV Partnership — Quick Info Table
| फीचर | विवरण |
|---|---|
| पार्टनरशिप | Delhivery × RIDEV (इलेक्ट्रिक मोबिलिटी स्टार्टअप) |
| कुल वाहन (शुरुआती) | 150 हाई-परफॉर्मेंस EVs |
| बिज़नेस मॉडल | EV-as-a-Service (लीजिंग — खरीदना नहीं पड़ेगा) |
| राइडर की बचत | ऑपरेशनल लागत में 50%+ कमी |
| शुरुआती शहर | बेंगलुरु, हैदराबाद, उत्तर-पूर्वी भारत |
| विस्तार योजना | मुंबई, पुणे, चेन्नई, गोवा |
| CO2 उत्सर्जन में कमी | ~4,260 किलोग्राम कम |
| टाइमलाइन | अगले 3 महीनों में तैनाती |
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EV-as-a-Service क्या है? डिलीवरी पार्टनर्स के लिए कैसे गेम-चेंजर साबित होगा यह मॉडल?
यह सवाल बहुत से लोगों के मन में होगा — “EV-as-a-Service मॉडल आखिर है क्या?” चलिए इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं।
पहले क्या होता था?
अगर कोई डिलीवरी पार्टनर बनना चाहता था, तो उसे अपनी गाड़ी (बाइक/स्क���टर) खुद खरीदनी पड़ती थी। एक अच्छी बाइक की कीमत ₹80,000 से ₹1,50,000 तक होती है। ऊपर से EMI, बीमा, सर्विसिंग, पेट्रोल — इन सबका खर्चा अलग। मतलब शुरू करने से पहले ही लाखों रुपये चाहिए!
बहुत से युवा डिलीवरी पार्टनर बनना चाहते थे लेकिन पैसों की कमी के कारण शुरू ही नहीं कर पाते थे।
अब क्या बदलेगा? (EV-as-a-Service)
Delhivery RIDEV EV Partnership के तहत अब डिलीवरी पार्टनर्स को गाड़ी खरीदने की ज़रूरत नहीं। Electric Vehicle Leasing India मॉडल में गाड़ी लीज (किराये) पर मिलेगी। इसका मतलब:
- ✅ भारी अपफ्रंट कॉस्ट (शुरुआती खर्चा) नहीं — लाखों रुपये बचेंगे
- ✅ RIDEV electric scooters for delivery लीज पर मिलेंगे — बस मामूली मासिक किराया देना होगा
- ✅ गाड़ी की मेंटेनेंस और सर्विसिंग की ज़िम्मेदारी कंपनी की
- ✅ गाड़ी खराब हो जाए तो बदली मिलेगी — काम नहीं रुकेगा
- ✅ पेट्रोल का खर्चा ज़ीरो — सिर्फ बिजली से चार्जिंग
💡 उदाहरण से समझें: रमेश बेंगलुरु में डिलीवरी पार्टनर बनना चाहता ��ै। पहले उसे ₹1 लाख की बाइक खरीदनी पड़ती + ₹5,000/माह पेट्रोल। अब Delhivery RIDEV EV Partnership से उसे बिना गाड़ी खरीदे इलेक्ट्रिक स्कूटर मिल जाएगा। सिर्फ मामूली मासिक लीज + ₹30-50/दिन चार्जिंग खर्चा। बचत? हर महीने हज़ारों रुपये!
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Delhivery की नई पहल: 150 EVs के साथ डिलीवरी पार्टनर्स की होगी मोटी कमाई!
Delhivery Delivery Partner 2026 बनने के बहुत सारे फ़ायदे हैं, खासकर इस EV पार्टनरशिप के बाद। चलिए टॉप 5 फ़ायदे विस्तार से समझते हैं।
1. 🏍️ गाड़ी खरीदने का टेंशन खत्म
सबसे बड़ा फ़ायदा यही है। ₹1-1.5 लाख की बाइक खरीदने का बोझ नहीं। RIDEV electric scooters for delivery लीज पर मिलेंगे। शुरुआत करने के लिए अब बड़ी रकम की ज़रूरत नहीं।
2. ⛽ पेट्रोल का खर्चा ज़ीरो — बचत डबल
पेट्रोल ₹100+ प्रति लीटर पहुँच चुका है। एक डिलीवरी राइडर रोज़ ₹200-300 पेट्रोल में खर्च करता है। EV में यही काम ₹30-50 बिजली से हो जाएगा।
महीने का हिसाब:
- पेट्रोल बाइक: ~₹6,000-9,000/माह (सिर्फ ईंधन)
- इलेक्ट्रिक EV: ~₹900-1,500/माह (चार्जिंग)
- बचत: ₹5,000-7,500 हर महीने! 🎉
3. 🔧 मेंटेनेंस लगभग ना के बराबर
पेट्रोल बाइक में ऑयल चेंज, फिल्टर, क्लच प्लेट, गियर बॉक्स — हर 2-3 महीने में ₹2,000-3,000 का खर्चा। इलेक्ट्रिक गाड़ी में इंजन ही नहीं है तो ये सब खर्चे गायब! EV-as-a-Service मॉडल में मेंटेनेंस की ज़िम्मेदारी भी कंपनी की है।
4. 💪 ज़्यादा डिलीवरी = ज़्यादा कमाई
EV हल्की और फुर्तीली होती है। शहर की ट्रैफिक में पेट्रोल बाइक से ज़्यादा आसानी से चलती है। कम थकान, ज़्यादा डिलीवरी। और ज़्यादा डिलीवरी मतलब ज़्यादा कमाई!
5. 🌿 पर्यावरण का साथी — गर्व की बात
EV चलाकर आप सिर्फ पैसा नहीं बचा रहे, बल्कि पर्यावरण भी बचा रहे हैं। ज़ीरो प्रदूषण, ज़ीरो धुआँ। आप एक ग्रीन डिलीवरी पार्टनर बनेंगे!
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50% कम खर्च और ज़्यादा बचत: पूरा गणित समझें
बहुत से डिलीवरी पार्टनर्स के मन में सवाल होगा — “50% बचत का दावा सच है?” तो चलिए नंबरों से समझते हैं।
पेट्रोल बाइक VS इलेक्ट्रिक EV — मासिक खर्चे की तुलना:
| खर्चे का प्रकार | पेट्रोल बाइक (₹/माह) | इलेक्ट्रिक EV (₹/माह) |
|---|---|---|
| ईंधन/चार्जिंग | ₹7,500 | ₹1,200 |
| मेंटेनेंस/सर्विसिंग | ₹2,000 | ₹200 (लगभग शून्य) |
| बीमा (मासिक) | ₹500 | ₹300 |
| EMI/लीज | ₹3,500 (बाइक EMI) | ₹2,500 (EV लीज — अनुमानित) |
| कुल मासिक खर्चा | ₹13,500 | ₹4,200 |
| बचत | — | ₹9,300/माह (69% कम!) |
सालाना बचत:
| अवधि | पेट्रोल बाइक | इलेक्ट्रिक EV | बचत |
|---|---|---|---|
| 1 महीना | ₹13,500 | ₹4,200 | ₹9,300 |
| 6 महीने | ₹81,000 | ₹25,200 | ₹55,800 |
| 1 साल | ₹1,62,000 | ₹50,400 | ₹1,11,600 |
💡 यानी साल भर में ₹1 लाख+ की बचत! यह रकम एक डिलीवरी पार्टनर के लिए ज़िंदगी बदलने वाली हो सकती है। इस पैसे से बच्चों की पढ़ाई, घर का किराया, या बचत — बहुत कुछ हो सकता है।
⚠️ ध्यान दें:
ये अनुमानित आँकड़े हैं। असली बचत शहर, रोज़ाना की दूरी, बिजली दर और लीज़ अमाउंट पर निर्भर करेगी। लेकिन Delhivery के पायलट प्रोजेक्ट में 50% से ज़्यादा बचत देखी गई है — तो अनुमान काफी करीब है।
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बेंगलुरु और हैदराबाद के युवाओं के लिए खुशखबरी: Delhivery के साथ शुरू करें अपना ग्रीन बिज़नेस!
Delhivery RIDEV EV Partnership की शुरुआत तीन प्रमुख क्षेत्रों से हो रही है। अगर आप इनमें से किसी शहर में रहते हैं, तो आप सबसे पहले इस मौके का फ़ायदा उठा सकते हैं!
🏙️ शुरुआती शहर:
1. बेंगलुरु (Bangalore):
बेंगलुरु भारत की IT कैपिटल है और यहाँ ई-कॉमर्स डिलीवरी की डिमांड सबसे ज़्यादा है। लाखों लोग रोज़ Amazon, Flipkart, Swiggy, Zomato से ऑर्डर करते हैं। इतनी डिमांड के बीच EV डिलीवरी पार्टनर बनना बहुत फ़ायदे का सौदा है।
बेंगलुरु में ट्रैफिक भी बहुत ज़्यादा है। ऐसे में EV स्कूटर जो पतली गलियों में भी आसानी से चल सके — यह पेट्रोल बाइक से कहीं बेहतर ऑप्शन है।
2. हैदराबाद (Hyderabad):
हैदराबाद तेज़ी से भारत का दूसरा सबसे बड़ा टेक हब बन रहा है। यहाँ भी ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी का बिज़नेस रॉकेट स्पीड से बढ़ रहा है। Delhivery Delivery Partner 2026 के रूप में EV के साथ यहाँ शुरुआत करना बेहतरीन टाइमिंग है।
3. उत्तर-पूर्वी भारत (Northeast India):
यह सबसे सरप्राइज़िंग चॉइस है! नॉर्थ-ईस्ट इंडिया में पेट्रोल की कीमत बाकी भारत से ₹5-10/लीटर ज़्यादा होती है (ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट के कारण)। ऐसे में यहाँ EV से बचत और भी ज़्यादा होगी। साथ ही, यह क्षेत्र Last-mile delivery electrification के लिए बिल्कुल सही है क्योंकि यहाँ दूरियाँ कम हैं और EV की रेंज काफी है।
💡 अगर आप बेंगलुरु, हैदराबाद या नॉर्थ-ईस्ट में रहते हैं — तो आज ही Delhivery की वेबसाइट पर जाकर डिलीवरी पार्टनर के रूप में रजिस्ट्रेशन करें। जो पहले रजिस्टर करेगा, उसे पहले EV मिलेगा!
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कैसे बनें Delhivery डिलीवरी पार्टनर? पूरी प्रक्रिया
अगर आप इस Delhivery RIDEV EV Partnership का फ़ायदा उठाना चाहते हैं और Delhivery Delivery Partner 2026 बनना चाहते हैं, तो प्रक्रिया बहुत सरल है:
Step-by-Step गाइड:
📱 स्टेप 1: Delhivery की वेबसाइट या ऐप पर जाएं
Delhivery की ऑफिशियल वेबसाइट पर “Delivery Partner” या “Rider Registration” ऑप्शन खोजें।
📱 स्टेप 2: बेसिक जानकारी भरें
- पूरा नाम
- मोबाइल नंबर
- शहर (बेंगलुरु/हैदराबाद/नॉर्थ-ईस्ट)
- आधार कार्ड नंबर
📱 स्टेप 3: ड्राइविंग लाइसेंस अपलोड करें
वैध ड्राइविंग लाइसेंस (DL) ज़रूरी है। बिना DL के रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।
📱 स्टेप 4: EV लीज के लिए ऑप्ट-इन करें
रजिस्ट्रेशन के दौरान “EV-as-a-Service” या “Electric Vehicle Leasing” ऑप्शन चुनें। इससे आपको RIDEV electric scooters for delivery लीज पर मिलेगा।
📱 स्टेप 5: वेरिफिकेशन और ट्रेनिंग
दस्तावेज़ वेरिफाई होने के बाद छोटी सी ट्रेनिंग दी जाएगी — EV कैसे चलाना है, चार्ज कैसे करना है, ऐप कैसे इस्तेमाल करना है।
📱 स्टेप 6: EV लें और कमाई शुरू करें!
ट्रेनिंग के बाद RIDEV का इलेक्ट्रिक स्कूटर आपके हवाले! बस चलाइए, डिलीवरी कीजिए, और पैसा कमाइए!
ज़रूरी दस्तावेज़:
| दस्तावेज़ | ज़रूरी? |
|---|---|
| आधार कार्ड | ✅ अनिवार्य |
| ड्राइविंग लाइसेंस (DL) | ✅ अनिवार्य |
| पैन कार्ड | ✅ अनिवार्य |
| बैंक अकाउंट (पेमेंट के लिए) | ✅ अनिवार्य |
| पासपोर्ट साइज़ फोटो | ✅ अनिवार्य |
| स्मार्टफोन (ऐप के लिए) | ✅ ज़रूरी |
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पर्यावरण पर बड़ा असर — Green Logistics India की नई शुरुआत
Delhivery RIDEV EV Partnership सिर्फ पैसे बचाने की बात नहीं है — यह पर्यावरण बचाने की भी बात है।
4,260 किलोग्राम CO2 कम!
सिर्फ 150 EVs की तैनाती से अनुमान है कि लगभग 4,260 किलोग्राम CO2 उत्सर्जन कम होगा। यह इतना है जितना 200+ पेड़ एक साल में CO2 सोखते हैं।
आगे चलकर जब हज़ारों EVs तैनात होंगी:
| EVs की संख्या | अनुमानित CO2 कमी | पेड़ों के बराबर |
|---|---|---|
| 150 (अभी) | 4,260 kg | ~200 पेड़ |
| 500 | 14,200 kg | ~650 पेड़ |
| 1,000 | 28,400 kg | ~1,300 पेड़ |
| 5,000 | 1,42,000 kg | ~6,500 पेड़ |
Green Logistics India — भारत का भविष्य:
Last-mile delivery electrification अब सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, यह ज़रूरत बन चुकी है। भारत के शहरों में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुँच चुका है। ऐसे में लॉजिस्टिक्स कंपनियों का EV अपनाना बहुत ज़रूरी है।
Delhivery ने यह कदम उठाकर साबित किया है कि बिज़नेस और पर्यावरण दोनों साथ-साथ चल सकते हैं। Green logistics India का यह मॉडल आने वाले समय में पूरी इंडस्ट्री को बदल सकता है।
💡 गर्व की बात: जब कोई पूछे कि आप क्या करते हैं, तो कहिए — “मैं ग्रीन डिलीवरी पार्टनर हूँ। पैसा भी कमाता हूँ और पर्यावरण भी बचाता हूँ!” 🌿
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बजट 2026 और PM E-DRIVE से कनेक्शन — सरकार भी दे रही है साथ!
Delhivery RIDEV EV Partnership का टाइमिंग कमाल का है। बजट 2026 में सरकार ने सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर ज़बरदस्त फोकस किया है।
PM E-DRIVE objectives logistics से कैसे जुड़ता है?
PM E-DRIVE (Electric Drive Revolution in Innovative Vehicle Enhancement) सरकार की वो स्कीम है जो भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। इसके तहत:
- ✅ EV खरीदने/लीज पर सब्सिडी मिल सकती है
- ✅ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तेज़ी से बढ़ रहा है
- ✅ EV मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है
- ✅ लॉजिस्टिक्स सेक्टर में EV अपनाने पर विशेष ज़ोर
बजट 2026 में क्या खास हुआ?
- EV सेक्टर के लिए अतिरिक्त फंडिंग का ऐलान
- GST में और कमी की संभावना (EV पर फिलहाल सिर्फ 5% GST)
- चार्जिंग स्टेशन लगाने वालों को टैक्स छूट
- लॉजिस्टिक्स कंपनियों को EV अपनाने पर इंसेंटिव
💡 यानी सरकार + कंपनी + टेक्नोलॉजी = डिलीवरी पार्टनर्स के लिए तिगुना फ़ायदा! PM E-DRIVE objectives logistics के तहत आने वाले समय में और भी ज़्यादा सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
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भविष्य की योजना: और किन शहरों में आएगी Delhivery EV सर्विस?
अभी शुरुआत बेंगलुरु, हैदराबाद और नॉर्थ-ईस्ट इंडिया से हो रही है। लेकिन Delhivery का प्लान यहीं नहीं रुकता!
आगे इन शहरों में विस्तार होगा:
| शहर | स्टेटस | अपेक्षित समय |
|---|---|---|
| बेंगलुरु | ✅ शुरू हो रहा | अभी |
| हैदराबाद | ✅ शुरू हो रहा | अभी |
| नॉर्थ-ईस्ट इंडिया | ✅ शुरू हो रहा | अभी |
| मुंबई | 🔜 जल्द | अगले 6 महीने |
| पुणे | 🔜 जल्द | अगले 6 महीने |
| चेन्नई | 🔜 जल्द | अगले 6-9 महीने |
| गोवा | 🔜 जल्द | अगले 6-9 महीने |
| दिल्ली-NCR | 📋 योजना में | अगले 9-12 महीने |
| कोलकाता | 📋 योजना में | अगले 9-12 महीने |
| अहमदाबाद | 📋 योजना में | अगले 12 महीने |
150 से 1,500+ EVs तक का सफर:
Delhivery का लक्ष्य है कि शुरुआती 150 EVs की सफलता के बाद इसे तेज़ी से स्केल किया जाए। अगले 1-2 साल में 1,500+ इलेक्ट्रिक वाहन सड़कों पर आ सकते हैं।
💡 अगर आप मुंबई, पुणे, चेन्नई या गोवा में रहते हैं — तो अभी से Delhivery पर रजिस्ट्रेशन कर लें। जब आपके शहर में EV सर्विस शुरू होगी, तो पुराने रजिस्टर्ड पार्टनर्स को प्राथमिकता मिलने की संभावना है।
RIDEV कौन है? इस EV स्टार्टअप के बारे में जानें
बहुत से लोगों ने RIDEV का नाम पहली बार सुना होगा। तो चलिए इस स्टार्टअप के बारे में भी थोड़ा जान लेते हैं।
RIDEV — Quick Facts:
- RIDEV एक इलेक्ट्रिक मोबिलिटी स्टार्टअप है जो कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहन बनाता है
- खासतौर पर डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए डिज़ाइन किए गए EVs
- हाई-परफॉर्मेंस — ज़्यादा लोड कैरी करने की क्षमता, बेहतर रेंज
- भारतीय सड़कों के लिए खासतौर पर बनाए गए — गड्ढे, स्पीड ब्रेकर, तंग गलियाँ — सब संभाल लेते हैं
- EV-as-a-Service मॉडल — खरीदने की ज़रूरत नहीं, लीज पर उपलब्ध
RIDEV के EV स्कूटर की खासियतें:
| फीचर | विवरण |
|---|---|
| रेंज | 80-100+ किमी प्रति चार्ज (अनुमानित) |
| लोड कैपेसिटी | 50-60 किलो+ (पार्सल कैरी कर सकता है) |
| चार्जिंग टाइम | 3-4 घंटे (फुल चार्ज) |
| टॉप स्पीड | 50-60 किमी/घंटा (शहर के लिए पर्याप्त) |
| मेंटेनेंस | बहुत कम (इंजन नहीं, कम पार्ट्स) |
| खासियत | डिलीवरी बॉक्स फिटेड, USB चार्जर, GPS ट्रैकिंग |
💡 Delhivery ने RIDEV को इसलिए चुना क्योंकि RIDEV के EV खासतौर पर डिलीवरी काम के लिए बने हैं। ये सामान्य EV स्कूटर नहीं हैं — इनमें बड़ा कैरियर बॉक्स, मज़बूत सस्पेंशन और लंबी बैटरी लाइफ है।
डिलीवरी पार्टनर्स की असली कहानियाँ — पायलट प्रोजेक्ट से सबक
Delhivery RIDEV EV Partnership को लॉन्च करने से पहले एक पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया था। उसके नतीजे इतने शानदार रहे कि कंपनी ने तुरंत बड़े पैमाने पर लॉन्च करने का फैसला किया।
पायलट प्रोजेक्ट के नतीजे:
| पैरामीटर | पेट्रोल बाइक (पहले) | EV (पायलट में) |
|---|---|---|
| दैनिक ऑपरेशनल खर्चा | ₹400-500 | ₹150-200 |
| बचत | — | 50%+ |
| दैनिक डिलीवरी की संख्या | 35-40 | 40-50 (बेहतर एफिशिएंसी) |
| राइडर संतुष्टि | सामान्य | बहुत अच्छी |
| ब्रेकडाउन की शिकायतें | हर हफ्ते | लगभग शून्य |
राइडर्स ने क्या कहा?
एक बेंगलुरु के राइडर ने बताया — “पहले ₹300 रोज़ पेट्रोल में जाता था। अब ₹40-50 में काम हो जाता है। बचे हुए पैसे से बच्चों की ट्यूशन फीस भरता हूँ।”
एक हैदराबाद के राइडर ने कहा — “EV में आवाज़ नहीं होती, वाइब्रेशन नहीं। पूरा दिन चलाने के बाद भी थकान कम लगती है। पहले पेट्रोल बाइक से कमर दर्द होती थी।”
💡 ये असली अनुभव हैं जो बताते हैं कि EV-as-a-Service मॉडल सिर्फ कागज़ों पर नहीं, ज़मीन पर भी काम करता है।
EV चार्जिंग की चिंता? इसका भी समाधान है!
बहुत से लोगों का सबसे बड़ा सवाल होता है — “EV कहाँ चार्ज करेंगे?” यह चिंता वाजिब है, लेकिन Delhivery RIDEV ने इसका भी इंतज़ाम किया है।
चार्जिंग के 3 तरीके:
1. 🏠 घर पर चार्जिंग (Home Charging):
रात को घर पर सामान्य बिजली प्लग से चार्ज कर लें। सुबह तक फुल चार्ज — पूरे दिन की डिलीवरी के लिए तैयार!
2. 🔌 Delhivery/RIDEV चार्जिंग हब:
कंपनी शहर के अलग-अलग हिस्सों में चार्जिंग पॉइंट/हब बना रही है। राइडर दिन में बीच में 15-20 मिनट में फास्ट चार्ज कर सकता है।
3. 🔄 बैटरी स्वैपिंग (Battery Swap):
कुछ मॉडल में बैटरी स्वैप की सुविधा भी हो सकती है। खाली बैटरी निकालो, फुल बैटरी लगाओ — 2 मिनट में तैयार!
रेंज एंज़ाइटी (Range Anxiety) — क्या EV बीच रास्ते में बंद हो जाएगी?
बिल्कुल नहीं! RIDEV के EV स्कूटर की रेंज 80-100+ किमी है। एक डिलीवरी राइडर रोज़ 40-60 किमी चलता है। यानी एक चार्ज में पूरे दिन का काम हो जाएगा। अगर ज़्यादा भी चलना पड़े तो बीच में 15-20 मिनट की फास्ट चार्जिंग से काम चल जाएगा।
दूसरी कंपनियाँ क्या कर रही हैं? — EV डिलीवरी का बढ़ता ट्रेंड
Delhivery अकेली नहीं है जो EV अपना रही है। पूरी लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री इस दिशा में बढ़ रही है:
| कंपनी | EV पहल |
|---|---|
| Delhivery | RIDEV के साथ 150+ EVs (ताज़ा) |
| Amazon India | 10,000+ EVs का लक्ष्य (2030 तक) |
| Flipkart | EV डिलीवरी फ्लीट में निवेश |
| Zomato | इलेक्ट्रिक स्कूटर से फूड डिलीवरी |
| Swiggy | EV पायलट प्रोजेक्ट चालू |
| BlueDart | इलेक्ट्रिक वैन से पार्सल डिलीवरी |
💡 ट्रेंड साफ है: आने वाले 5 साल में Last-mile delivery electrification पूरी तरह मेनस्ट्रीम हो जाएगी। जो राइडर अभी EV अपनाएगा, वो भविष्य में सबसे आगे होगा। जो पेट्रोल बाइक पर अटका रहेगा, वो पीछे रह जाएगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: Delhivery RIDEV EV Partnership क्या है?
Delhivery ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी स्टार्टअप RIDEV के साथ पार्टनरशिप की है। इसके तहत 150 हाई-परफॉर्मेंस EVs डिलीवरी पार्टनर्स को लीज पर दिए जाएंगे।
Q2: EV-as-a-Service मॉडल क्या है?
इसमें डिलीवरी पार्टनर को गाड़ी खरीदनी नहीं पड़ती। मामूली मासिक किराये पर EV मिलता है। मेंटेनेंस की ज़िम्मेदारी कंपनी की।
Q3: कितनी बचत होगी?
ऑपरेशनल खर्च में 50% से ज़्यादा की कमी। सालाना ₹1 लाख+ तक की बचत संभव।
Q4: कौन-कौन से शहरों में शुरू हो रहा है?
शुरुआत बेंगलुरु, हैदराबाद और नॉर्थ-ईस्ट इंडिया से। बाद में मुंबई, पुणे, चेन्नई, गोवा में विस्तार।
Q5: क्या मुझे EV खरीदनी पड़ेगी?
नहीं! Electric Vehicle Leasing India मॉडल में EV लीज (किराये) पर मिलेगी।
Q6: EV की रेंज कितनी है?
RIDEV electric scooters for delivery की रेंज 80-100+ किमी प्रति चार्ज (अनुमानित)। रोज़ाना की डिलीवरी के लिए पूरी तरह काफी।
Q7: चार्जिंग कहाँ होगी?
घर पर (रात को सामान्य प्लग से), कंपनी के चार्जिंग हब पर, या बैटरी स्वैपिंग से।
Q8: Delhivery डिलीवरी पार्टनर कैसे बनें?
Delhivery की वेबसाइट पर Rider Registration करें। आधार कार्ड, DL, पैन कार्ड और बैंक अकाउंट ज़रूरी है।
Q9: पर्यावरण पर क्या असर होगा?
150 EVs से 4,260 किलोग्राम CO2 कम होने का अनुमान। यह 200+ पेड़ों के बराबर है!
Q10: क्या यह सरकारी योजना से जुड़ा है?
हाँ, यह PM E-DRIVE objectives logistics और बजट 2026 के सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट विज़न के अनुरूप है।
Delhivery EV पार्टनरशिप — लॉजिस्टिक्स की नई क्रांति!
Delhivery RIDEV EV Partnership सिर्फ एक बिज़नेस डील नहीं है — यह भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर में एक नई क्रांति की शुरुआत है। जहाँ एक तरफ डिलीवरी पार्टनर्स की कमाई बढ़ रही है और खर्चे कम हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पर्यावरण को भी फ़ायदा हो रहा है।
बिना गाड़ी खरीदे EV मिले, 50% खर्चा कम हो, और ज़ीरो प्रदूषण — इससे बेहतर डील और क्या हो सकती है?
अगर आप बेंगलुरु, हैदराबाद या नॉर्थ-ईस्ट इंडिया में हैं, तो आज ही Delhivery Delivery Partner 2026 के रूप में रजिस्टर करें। और अगर दूसरे शहर में हैं, तो इंतज़ार करें — जल्द ही यह सर्विस आपके शहर में भी आने वाली है!
कमाई बढ़ाएं, खर्चा घटाएं, और पर्यावरण बचाएं — यही है स्मार्ट डिलीवरी का भविष्य! 🛵⚡🌿
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