Mukhyamantri Shikshak Cashless Chikitsa Yojana 2026: शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेगा ₹5 लाख का मुफ्त इलाज, ऐसे बनाएं अपना स्टेट हेल्थ कार्ड

Mukhyamantri Shikshak Cashless Chikitsa Yojana 2026: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के लाखों शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी सौगात देते हुए ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया है।

यह योजना प्रदेश के शिक्षा जगत से जुड़े कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है, जिसके तहत अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उन्हें अपनी जमा-पूंजी खर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (SACHIS) को इस योजना की नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो पूरे प्रदेश में इसके सफल क्रियान्वयन की निगरानी कर रही है।

UP Shikshak Cashless Chikitsa Yojana 2026: यूपी के शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेगा ₹5 लाख का मुफ्त इलाज, ऐसे बनाएं हेल्थ कार्ड

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा विभाग और सहायता प्राप्त (Aided) विद्यालयों के कार्यरत शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें न केवल कार्यरत कर्मचारी, बल्कि सेवानिवृत्त पेंशनर्स और उनके आश्रित परिवार को भी कवर दिया गया है।

इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी परिवार को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाती है। यह इलाज स्टेट हेल्थ कार्ड (State Health Card) के माध्यम से सुलभ होगा। सरकारी अस्पतालों में इलाज पूरी तरह से निशुल्क (100% फ्री) है, जबकि निजी अस्पतालों में ₹5 लाख तक की सीमा निर्धारित की गई है।

State Health Card Download Link: शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज का कार्ड डाउनलोड होना शुरू, देखें स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

शिक्षकों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए पंजीकरण और कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन रखा गया है। यदि आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो नीचे दी गई स्टेप-बाय-स्टेप गाइड का पालन करें:

स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल पर विजिट करें

सबसे पहले यूपी सरकार के अधिकृत पोर्टल secu.up.gov.in या upagasp.in पर जाएं और होमपेज पर दिए गए “Apply for State Health Card” के विकल्प पर क्लिक करें।

स्टेप 2: कर्मचारी/पेंशनर विवरण (Aadhar & EHRMS ID) दर्ज करें

अपना EHRMS Human Resource Code (मानव संपदा आईडी), आधार नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें। आपके मोबाइल पर एक ओटीपी (OTP) प्राप्त होगा, जिसे दर्ज कर प्रमाणित करें।

स्टेप 3: परिवार के आश्रित सदस्यों का नाम जोड़ें

EHRMS पोर्टल से आपका बेसिक डेटा अपने आप फेच (Auto-fetch) हो जाएगा। इसके बाद अपने आश्रित पति/पत्नी और बच्चों का आधार नंबर दर्ज करके उनके नाम जोड़ें।

स्टेप 4: डीडीओ (DDO) / बीएसए (BSA) द्वारा सत्यापन

आवेदन सबमिट होने के बाद यह सत्यापन (Verification) के लिए आपके संबंधित आहरण-वितरण अधिकारी (DDO/BSA/DIOS) के पास डिजिटल रूप से जाएगा।

स्टेप 5: स्टेट हेल्थ कार्ड (State Health Card) डाउनलोड

सत्यापन प्रक्रिया पूरी होते ही आपके लॉगिन डैशबोर्ड पर ई-कार्ड जनरेट हो जाएगा। इसे आप PDF के रूप में डाउनलोड कर सकते हैं और इसका प्रिंट निकलवाकर सुरक्षित रख सकते हैं।

secu.up.gov.in Registration Online: मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए किन दस्तावेजों की है जरूरत?

  • मानव संपदा आईडी (EHRMS ID): कार्यरत कर्मचारियों के लिए अनिवार्य।
  • आधार कार्ड: स्वयं और सभी आश्रितों का आधार कार्ड, जो मोबाइल नंबर से लिंक हो।
  • पेंशनर विवरण: सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पीपीओ (PPO) नंबर की आवश्यकता हो सकती है।
  • पासपोर्ट साइज फोटो: डिजिटल अपलोड के लिए।

Hospital List for Shikshak Cashless Yojana: आपके जिले के कौन-से प्राइवेट अस्पतालों में मिलेगा फ्री इलाज? देखें पूरी लिस्ट

योजना के तहत उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और सीएचसी (CHC) में 100% फ्री इलाज उपलब्ध है। इसके अलावा, आयुष्मान भारत (Ayushman/SEHAT) योजना से जुड़े सभी इम्पैनल्ड प्राइवेट अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। कैंसर, न्यूरोलॉजी और कार्डिएक (हृदय रोग) जैसी असाध्य और गंभीर बीमारियों के लिए प्रदेश के नामचीन प्राइवेट अस्पतालों को पैनल में रखा गया है।

UP Teachers Cashless Health Scheme Rules: क्या पेंशनर्स और आश्रितों को भी मिलेगा योजना का लाभ? जानें नए नियम

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह योजना केवल कार्यरत शिक्षकों तक सीमित नहीं है। राज्य के हजारों सेवानिवृत्त पेंशनर्स और उनके परिवार के सदस्य भी इस योजना के समान रूप से हकदार हैं। नए नियमों के अनुसार, यदि पति और पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हैं, तो वे अपनी सुविधा अनुसार किसी भी एक आईडी पर आश्रितों को जोड़ सकते हैं।

अहम प्राइवेसी अलर्ट: साइबर फ्रॉड से बचें

स्टेट हेल्थ कार्ड बनवाने या अपडेट करने के नाम पर किसी अज्ञात व्यक्ति, व्हाट्सएप ग्रुप या फर्जी वेबसाइट के झांसे में न आएं। इस योजना का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से निशुल्क है। अपना मानव संपदा पासवर्ड, आधार ओटीपी, या बैंक विवरण किसी के साथ साझा न करें। केवल सरकार के आधिकारिक पोर्टल secu.up.gov.in का ही प्रयोग करें।

निष्कर्ष:

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना न केवल शिक्षकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करती है, बल्कि आर्थिक रूप से भी उन्हें संबल प्रदान करती है। सभी पात्र शिक्षकों और कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द अपना स्टेट हेल्थ कार्ड बनवा लें ताकि आपात स्थिति में बिना किसी देरी के बेहतर चिकित्सा सुविधा प्राप्त की जा सके।

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